एक अनूठी प्रेम कहानी पार्ट-1
अनजानी राहों पर एक अज़नबी से मुलाकात हो गयी...फिर क्या था ? थोड़ी बात हुई,बातों ही बातों में दिल को करार आ गया...एक-दूजे को एक-दूजे पर प्यार आ गया...
रोहित का आज कॉलेज का पहला दिन था,जिस बस से वो कॉलेज जा रहा था वो एकाएक खराब हो गयी। और, कम्बक्त बेमौसम बरसात ने भी उसके मूड को थोड़ा ज्यादा ही खराब कर दिया...एक तो कॉलेज जाने की जल्दी और दूसरा ये रुकावट... खींझकर वो बस से नीचे उतरा और वहीं बस स्टैंड पर खड़ी एक प्यारी सी लड़की को देखकर ठिठक सा गया,जिसके हाथों में एक गुलाब का फूल था और उसके आंखों में किसी के लिए बेकरारी भरी इंतज़ार...बार-बार उसका इधर-उधर देखना इस बात की गवाही दे रहा था कि किसी न किसी का वो इंतेज़ार कर रही...तभी उसकी भी निगाह स्मार्ट सा दिखने वाले रोहित पर ठहर गयी...रोहित था ही इतना चार्मिंग,स्कूल लाइफ में कई लड़कियों का क्रश...एकदम मासूम सा... क्यूट, चॉकलेटी बॉय...
लड़की अपनी क्रीम कलर की साड़ी जिस पर फूल के छाप थे,एक दम फूल की जैसी खिली दिख रही थी...बालों में लगे गजरे से आ रही भीनी खुशबू से रोहित उसकी ओर खींचा चला गया और बारिश से भींगने से बचने के लिए वहीं उसके बगल में बैठ गया...
निगाहें तो अपनी सारी बातें कह चुकी थी,मगर जुबां अब भी ख़ामोश ही था...इस ख़ामोशी को तोड़ते हुए बिंदास रोहित ने एक झटके से पूछा...''तुम किसी का इंतेज़ार कर रही हो क्या ?"
लड़की ने पलटकर उसकी ओर देखा...और बड़े हल्के से कहा जी,मैं अपनी सहेली का इंतेज़ार कर रही हूँ...वो अब तक नहीं आयी,आज हमारे कॉलेज का पहला दिन है और वो लेटलतीफी की वजह से पहले दिन ही देर हो जाएगा...
लड़के ने थोड़ा चहककर कहा, मेरा भी कॉलेज का आज पहला दिन है...तुम्हारे कॉलेज का क्या नाम है ?
लड़की ने सीधा कहा, 'हिन्दू कॉलेज'...
यह सुनते ही लड़के आंखों में एक चमक आ गयी...बड़े उत्साह से उसने कहा मेरा भी वही...
लड़के का ध्यान बार-बार उसके गुलाब पर जा रही थी और मन आशंकित हो रहा था कि इसका कोई बॉय फ्रेंड न हो...उसी एक दो मिनट में उसने उस लड़की के साथ अपना गहरा नाता जोड़ लिया था,अपने मन ही मन में...
शेष कभी और....
Prabhakar Kumar Machvey की कलम से...
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