ऐसी वैसी औरत
ऐसी-वैसी औरत... लेखिका-देहाती लेखक देहाती लेखक प्रकाशक-@hindyugm इस किताब के शीर्षक पढ़ते ही एक अजीब सा एहसास हुआ मुझे...लगा कि एक बार इस किताब को जरूर पढ़नी चाहिए.. कुछ तो अलग नजरिया जरूर होगा... "ऐसी-वैसी" यह दो शब्द ही अपने भीतर घृणा,बिलगाव और चरित्रहीनता के भाव रखते हैं.. एक पुरुष होने के नाते मैंने किताब को पढ़ते हुए,कई बार खुद का अवलोकन किया और पाया कि मैं भी तो कुछ ऐसा ही सोचता हूं जो अन्य सोचते हैं ...शायद परिवेश ने हमें यही सोचना है इसके लिए तैयार कर दिया... इस किताब को पढ़ते हुए कई बार मैं बिल्कुल भीतर से दहल सा गया... 10 कहानियों का संग्रह यह पुस्तक हमें 10 ऐसी जिंदगी से रू-ब-रू कराती है,जो हमारे आस-पास के तथाकथित "ऐसी- वैसी औरतों" से मेल खाते हैं... जिन्हें हम सिर्फ उनके जिंदगी के बाहरी आयामों को जानकर उनके चरित्र पर सवालिया निशान खड़े कर देते हैं ... 21वीं सदी में डिजिटल दुनिया में रहने वाले हम सभी की सोच आज भी इस मामले में "ऐसी वैसी" ही है ... क्या सिर्फ जीवन के एक पहलू को देखकर किसी के चरित्र का प्रमाण पत्र जारी करना उचित है? ...