सफलता मतलब क्या ?
सफलता… ये शब्द जितना चमकदार दिखता है, उतना ही उलझा हुआ भी है। मेरे लिए सफलता कोई मंज़िल नहीं, एक यात्रा है। वो यात्रा जो मुझे हर दिन थोड़ा और सजग बनाती है, थोड़ा और ईमानदार, और थोड़ी और आत्मा के क़रीब।
दुनिया कहती है – बड़ी गाड़ी, ऊँचा ओहदा, तगड़ा बैंक बैलेंस = सफलता।
लेकिन मेरी परिभाषा में सफलता है –
सुबह सुकून से जागना और रात को संतोष के साथ सो जाना और इस दौरान पूरी ऊर्जा से भयमुक्त होकर सही काम करना...
सफलता है –
जब मैं किसी बच्चे की आँखों में उम्मीद जगा सकूँ,
जब मैं किसी के मन का बोझ थोड़ा हल्का कर सकूँ,
जब मेरी आवाज़ किसी के भीतर आत्मविश्वास भर सके...जब मैं किसी के खिलखिलाते चेहरे की वजह बन सकूं...
सफलता मेरे लिए यह भी है कि मैं जी सकूं...
बिना झूठ बोले, बिना मुखौटे पहने, बिना किसी दिखावे के।
मैं खुद से कह सकूँ –
"तू जैसा है, वैसा ही ठीक है।"
हाँ, कुछ बुराईयां है मुझमें, कुछ क्या...कुछ ज्यादा ही, जो समय, परिस्थिति व स्थान के साथ सुधरते जाएंगे...मगर, अपने मूल को भूलकर कोई भी अपने जीवन में वसंत का फूल नहीं खिला सकता...और मेरा मानना है कि जीवन में कोई परफेक्ट होकर एक्ट नहीं करता,एक्ट करते-करते ही परफेक्ट के करीब हो जाता...
मैंने सीखा है कि सफलता का मतलब भीड़ में सबसे तेज़ भागना नहीं,
बल्कि सामूहिकता के साथ सबको साथ लेकर चलना...खुद को औरों की खुशियों की वजह बनाना...
हाँ, मेरी सफलता थोड़ी धीमी है… या फिर कहूँ औरों की नज़र में अब तक असफल ही हूँ...
पर मैं जो कुछ हूँ उसमें आत्मा की सच्चाई है, संघर्ष का सौंदर्य है और एक स्वाभिमानी हुंकार है..
तो अगर कोई मुझसे पूछे –
"सफलता क्या है?"
मैं मुस्कुरा कर कहूँगा –
"अपने सपनों को समाज की ज़रूरतों से जोड़कर जीना ही मेरी सफलता है, मेरे होने से इस दुनिया में थोड़ी खुशियां हैं, लोगों के चेहरे पर मुस्कान है, थोड़ा विश्वास है...तो मैं सफल हूँ...."
#success
प्रभाकर कुमार 'माचवे'
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