भविष्य में यह तकनीक कर देगा आपको बेरोजगार !
इस कृत्रिम बुद्धिमत्ता की नई तकनीक से भविष्य में कई लोगों के रोजगार पर हमला होने की सम्भावना है...विद्यार्थियों के भीतर आलसपन की चरमता आएगी, गूगल से तो उत्तर को तनिक ढूंढना भी पड़ता था,यहां तो पूरी तरह से बना बनाया उत्तर मिलता...वो भी आवश्यकता अनुसार शब्द सीमा में...
शिक्षक,लेखक,कवि जैसे रचनात्मक कार्य भविष्य में अपनी उपयोगिता खो सकते हैं...मनुष्य की कल्पनाशक्ति की शक्ति भी कितनी प्रभावी होगी, कहना मुश्किल है...
तकनीक के इस दौर में, जिस तेज गति से कार्यों का मशीनीकरण हो रहा है वो निश्चित तौर पर रोजगार परक शिक्षा की मांग को पैदा कर रहा...और यथाशीघ्र जमीनी स्तर पर ऐसा न किया गया तो बढ़ती युवा जनसंख्या पूरे भारत के लिए अभिशाप बन जाएंगी...
जिस युवा शक्ति के बल पर हम विश्व गुरु बनने का सपना संजो रहे हैं, कहीं यही युवा शक्ति अनियंत्रित होकर महाप्रलय का कारण न बन जाये...
भारत जैसे देश में अंधाधुंध तरीके से कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रयोग निश्चित तौर पर खतरनाक है...देश की बड़ी आबादी आज भी गांवों में अपना जीवन व्यतीत कर रही और मशीनी रफ़्तार वहां तक जिस तीव्रता से पहुंच रही, उनके समक्ष रोजगार का कोई विकल्प नहीं बचेगा...
मशीनों के गुलाम बनने की हमारी कहानी कहीं न कहीं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सामने अपना अस्तित्व ही न खो दे... इसके लिए कोई न कोई जरूरी कदम उठाने अनिवार्य हैं...
मुझे तो सच मे, एक बड़े खतरे ही आहट सुनाई दे रही...आपको क्या लगता, कमेंट में जरूर बताएं !
Prabhakar Kumar Machvey की कलम से...
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