RRR

शानदार पटकथा,बेहतरीन निर्देशन और उम्दा कलाकारी...का संयोग है RRR

         RISE...ROAR...REVOLT...

जूनियर NTR और राम चरन की जबरदस्त जुगलबन्दी...अजय देवगन और आलिया भट्ट का छोटा लेकिन दमदार रोल...

इस फ़िल्म ने न सिर्फ़ राष्ट्रवाद की भावना  केंद्र में है,बल्कि राम के सशक्त स्वरूप को भी बड़ी ही विलक्षणता के साथ प्रस्तुत किया गया है...सिनेमेटोग्राफी की दुनिया में बाहुबली की टक्कर की यह फ़िल्म दर्शकों को रोमांचित कर देती है...

इस फ़िल्म की सफलता ने इस बात को साबित किया है,कि बिना किसी फूहड़ता और नँगा नांच के भी फ़िल्म को सुपर डुपर हिट बनाया जा सकता है...बिना किसी की भावना को आहत किये भी दर्शकों को रोमांचित करते हुए अपनी बात को जिस सरलता व सहजता से इस फ़िल्म ने प्रस्तुत किया है वो निश्चित तौर पर काबिल ए तारीफ़ है...

फ़िल्म में दिखलाये गए कई दृश्य जैसे बाघ से लड़ाई,पानी में लगे आग से बच्चे को बचाने का सफल प्रयास,महल पर बाघ और जंगली जानवरों के साथ आक्रमण और अंत में रामावतार के साथ जंगल की आख़िरी लड़ाई ...सच मानिए एकदम रोमांच से भर देती है...
वहीं अपने भाई को कोड़े से मारने का वो करुण दृश्य आत्म विह्वल कर देता है...

सीता का राम के कर्तव्य निर्वहन के लिए प्रेरित करना प्रेम का एक अलग ही रूप परिलक्षित करता है...वही एक अंग्रेज लड़की का एक गोंड लड़के से प्रेम करना,प्रेम की निश्छलता और उसकी भावनात्मकता को दिखाता है...

जिस बारीकी से इस फ़िल्म का निर्देशन किया गया है वो सचमुच राजामौली की काबिलियत का लोहा मनवा रहा,राजामौली की हर नई फ़िल्म उनकी पुरानी फ़िल्म के निर्देशन को चुनौती देती दिखती है...और यही उनकी सफलता का पैमाना है...

यह फ़िल्म निश्चित तौर पर दर्शकों का न सिर्फ मनोरंजन करती है बल्कि उन्हें उनके कर्तव्य पथ पर अडिग रहने की प्रेरणा भी देती है...

व्यक्तिगत तौर पर मुझे यह फ़िल्म कम्पलीट पैकेज लगा...राम के चरित्र का इतना शानदार प्रयोग किसी भी फ़िल्म में मैंने आज तक नहीं देखा...

यदि आपने अब तक यह फ़िल्म नहीं देखी है तो निश्चित तौर पर देखें...क्योंकि ये शानदार ब्लॉकबस्टर मूवी है..

प्रभाकर कुमार माचवे की कलम से...

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