5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम..


पांच राज्यों के विधानसभा के  चुनाव परिणाम ने यह साफ कर दिया है, कि बीजेपी ने जनता के नब्ज को बखूबी सही मायने में पकड़ने में कामयाबी पाई है। 
                                             उत्तर प्रदेश जो जनसंख्या की दृष्टिकोण से भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहां की राजनीति जातीय बुनावट, बाहुबल और क्षेत्रीयता के आधार पर तय होती रही है,वहां धार्मिक ध्रुवीकरण से लगातार दूसरी बार सत्ता को हासिल करना यह स्पष्ट करता है कि बीजेपी का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और योगी आदित्यनाथ जैसे हिंदुत्व का चेहरा बहुसंख्यक वर्ग को पसंद है ।

बीजेपी ने ना सिर्फ धार्मिक ध्रुवीकरण से उत्तर प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय योजनाओं से जमीन स्तर पर आम लोगों को लाभान्वित कर उत्तराखंड मणिपुर और गोवा में भी सफलता पाई है ।

पंजाब के लोगों ने 'दिल्ली मॉडल' को खुले दिल से अपनाया और अपनी क्षेत्रीयता को महत्व देते हुए 'आप' पार्टी को बड़ी जीत दी ।

 पंजाब से कांग्रेस को जनता ने सत्ता से बेदखल करके साफ संदेश दे दिया है राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस पार्टी को निश्चित तौर पर एक बेहतर विकल्प की आवश्यकता है। आपसी मनमुटाव, पार्टी के भीतर दो चेहरे,राष्ट्रीय नेतृत्व का सिद्धू पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करना,हार का बड़ा कारण रहा है ।
 
2022 के 5 विधानसभा के चुनाव में 4 में जीत दर्ज कर बीजेपी ने 2024 के लिए खुद को बड़ी मजबूती से तैयार कर लिया है। कांग्रेस पार्टी को निश्चित तौर पर आत्ममंथन की जरूरत है, जिसके लिए मुझे नहीं लगता कि वह अभी भी तैयार हैं।

 2024 में मोदी के विजय रथ को रोकने के लिए तीसरा मोर्चा कितना कामयाब हो पाएगा ,यह कहना शायद अभी मुश्किल है !

प्रभाकर कुमार 'माचवे' की कलम से...

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