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सितंबर, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

इन्तेहाँ हो गयी थी इंतेज़ार की !

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इन्तेहाँ हो गई थी...इंतेज़ार की... 1021 दिनों के बाद किंग कोहली के बल्ले से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शतक आया...एक ऐसा बल्लेबाज जिसके बल्ले से हर साल करीब 10 शतक आ रहे हो, जो 70 शतक के आंकड़े को ऐसे छू लिया था,जैसे उसका बल्ला नहीं कोई रन मशीन हो...क्रिकेट के हर शॉट में ऐसा क्लासिक अंदाज़ जिसे देखकर दुश्मन भी वाह-वाह कर उठे... इन आँखों को आप गौर से देखें...कितनी मासूमियत है...एक अजीब सी ख़ुशी, जो छलक पड़ रही है... मैं तो उनके जीवन की ये 1021 बीती रातें का अनुमान लगा रहा, हर वो रात...जब विराट खुद के बेहद करीब होते होंगे... रात का वो पहर जब नींद न आती और उठने का मन भी नहीं करता होगा...उस वक़्त रोज क्या सोचते होंगे वो ?  आख़िर अगला शतक कब ? आज उनकी आंखों से छलकते खुशी के आँसू...साफ बयां कर रहे थे कि ये शतक उनके लिए कितना मायने रखता है...वो बच्चों की तरह मासूमियत से मुस्कुराना,अपने लॉकेट को चूमना..हेलमेट को खोलकर बल्ले को उठाना... ये देखकर मुझे बस...यही चार पंक्तियाँ याद आ गई... "रख हौसला वो मंज़र भी आएगा, प्यासे के पास चलकर खुद समंदर भी आएगा... थक कर यूँ न बैठ, मंजिल के मुसाफ़िर, ...

स्पोर्ट्स फीस के नाम पर लूट !

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स्पोर्ट्स फीस के नाम पर लूट ! जी, हां दोस्तों...विद्यालय सरकारी हो या प्राइवेट बड़े पैमाने पर वहां खेल शुल्क के नाम पर वर्षों से लूट हो रही है..जिले के अधिकांश सरकारी और प्राइवेट स्कूल के पास खेल के मैदान तक नहीं हैं...खेल सामग्री के नाम पर वही टूटे फूटे 2 बैट, एक दो बैडमिंटन,एक फुटबॉल और कैरमबोर्ड... इलाके के 90% प्राइवेट और सरकारी स्कूल के पास खेल मैदान नहीं है... सरकारी विद्यालय में औसतन सभी बच्चों से लगभग 100 रुपये प्रति वर्ष खेल शुल्क लिया जा रहा और इसे संख्या से गुणा किया जाए तो कुल रकम लाखों में पहुंच जाती है...जिनसे 1-2 वर्षों में मैदान खरीदा जा सकता,उच्च स्तर के खेल संसाधन उपलब्ध कराए जा सकते... वहीं प्राइवेट स्कूल में ये शुल्क 300 से 500 रुपये प्रतिवर्ष वसूला जा रहा, यदि विद्यार्थियों की कुल संख्या औसतन 800 मानी जाए तो ये आकंड़ा करीब 3 लाख सलाना हो जाता है और आश्चर्य की बात ये है कि इन स्कूलों में न ही खेल शिक्षक होते... न ही खेल के संसाधन...खेल के मैदान की बात ही क्या कहें ! मेरा अभिभावकों से नम्र निवेदन होगा कि अबकी जब आप पैरेंट टीचर मीटिंग में जाएं तो ये सवाल जरू...