संकल्प शक्ति
नवरात्रि के उत्सव के समापन में विजयदशमी का पर्व अच्छाई का बुराई पर जीत का प्रतीक है। श्री राम के द्वारा रावण का संहार एक प्रतीक है सत्व की तमस पर जीत की... राम के इस विजय का मूल कारण क्या है ? राम की संकल्प शक्ति... संकल्प ऐसा इसमें कोई विकल्प न हो... हम सभी 'पोस्ट कोरोना काल' में जी रहे, कोरोना ने न सिर्फ हमें शारीरिक रूप से कमजोर किया है बल्कि बड़े व्यापक स्तर पर हम सामाजिक, आर्थिक व मानसिक रूप से भी कमजोर हुए हैं। कोरोना ने हमारे अपनों को छीना ही साथ ही हमारे सपनों को भी छीन लिया। जीवन में सबसे बड़ी त्रासदी है सपनों का मर जाना... भय व चिंता को हमने परिस्थितिजन्य एक स्वाभाविक प्रवृत्ति मान लिया है, जिसके प्रतिकार में हमारा क्रोध हमे सहज जान पड़ रहा है। हम यह मान बैठे हैं कि हम क्रोध करते थोड़ी ,हमसे क्रोध करवाया जाता है .. क्रोध एक ऐसा जहर है जिसे हम खुद पी कर दूसरे के मरने की कामना करते हैं... रसायन ऐसे काम नहीं करता,हमें स्वीकारना होगा कि क्रोध की वजह से हम अपना संतुलन खो देते हैं और संतुलन होते ही हमारे संकल्प शक्ति कमजोर पड़ जाती है ...