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संकल्प शक्ति

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नवरात्रि के उत्सव के समापन में विजयदशमी का पर्व अच्छाई का बुराई पर जीत का प्रतीक है। श्री राम के द्वारा रावण का संहार एक प्रतीक है सत्व की तमस पर जीत की...  राम के इस विजय का मूल कारण क्या है ?  राम की संकल्प शक्ति... संकल्प ऐसा इसमें कोई विकल्प न हो...  हम सभी 'पोस्ट कोरोना काल' में जी रहे, कोरोना ने न सिर्फ हमें शारीरिक रूप से कमजोर किया है बल्कि बड़े व्यापक स्तर पर हम सामाजिक, आर्थिक व मानसिक रूप से भी कमजोर हुए हैं। कोरोना ने हमारे अपनों को छीना ही साथ ही हमारे सपनों को भी छीन लिया। जीवन में सबसे बड़ी त्रासदी है सपनों का मर जाना...  भय व चिंता को हमने परिस्थितिजन्य  एक स्वाभाविक प्रवृत्ति मान लिया है, जिसके प्रतिकार में हमारा क्रोध हमे सहज जान पड़ रहा है। हम यह मान बैठे हैं कि हम क्रोध करते थोड़ी ,हमसे क्रोध करवाया जाता है .. क्रोध एक ऐसा जहर है जिसे हम खुद पी कर दूसरे के मरने की कामना करते हैं...  रसायन ऐसे काम नहीं करता,हमें स्वीकारना होगा कि क्रोध की वजह से हम अपना संतुलन खो देते हैं और संतुलन होते ही हमारे संकल्प शक्ति कमजोर पड़ जाती है ...

युवा शक्ति ही रचेगा भारत का भविष्य

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भारत जो पूरे विश्व पटल पर खुद को विश्व मित्र के रूप में प्रस्तुत कर रहा,उसकी शक्ति व क्षमता का एक ज्योति पुंज उसकी युवा शक्ति है। भारत अभी जनसंख्या वितरण के स्वर्णिम काल से गुज़र रहा जब देश की 65% आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है..यह संयोग भारत की विकास प्रक्रिया में अहम योगदान दे रही.. लेकिन सवाल उठता है, यदि इस युवा शक्ति को सही मार्गदर्शन और प्रेरणा न मिला तो यह तबाही का रूप भी ले सकती है..अतः,युवाओं को एक कल्याणकारी शक्ति के रूप में निर्मित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने दो पूरक तरीके से प्रयास करने का सुझाव दिया है। जिसमे से पहला तरीका है युवाओं को एक जागरूक मानवीय शक्ति के रूप में निखारना और दूसरा उन्हें सक्रिय तत्व के रूप में विकसित करना..        यह दोनों कार्य का संपादन शिक्षण संस्थानों के माध्यम से ही हो सकता है..शिक्षा ही इस क्रांति की मूल होगी..2047 तक विकसित भारत का सपना युवाओं की कार्य क्षमता से ही सम्भव है..युवाओं को जागरूक व सक्रिय करने के लिए कई संस्थान विकास अध्ययन से जुड़े विद्वानों,नीति निर्माताओं और प्रशासकों के मध्य विचार विमर्श करवाकर कई...