क्या upsc में हिंदी माध्यम के अच्छे दिन आ गए ?
क्या अब हिंदी माध्यम से संघ लोकसेवा की तैयारी करने वालों के अच्छे दिन आ गए ? इस बार upsc के रिजल्ट का डंका तो कुछ इसी कदर बज रहा है कि हिंदी माध्यम के अच्छे दिन आ गए हैं,पिछले 25 वर्षों में हिंदी माध्यम का सबसे बेहतरीन रिजल्ट इसी बार आया है...देश की सबसे लोकप्रिय कोचिंग संस्थान 'दृष्टि' इस सफलता को तो एक बड़ी उपलब्द्धि मान रही है... हिंदी माध्यम के 54 से अधिक विद्यार्थियों का upsc में सिलेक्शन इस बात को साबित भी कर रहा है...मगर, सवाल यह है कि इतनी अनुकूल सुविधाओं के बावजूद सिर्फ 54 ही ! जब केंद्र में पूर्ण बहुमत वाली हिंदी समर्थक सरकार है... हिंदी माध्यम के कोचिंग का अरबों का बाज़ार है...तो फिर सिर्फ़ '54' ही कट ऑफ पार है... पिछले 2 वर्षों से सुधार की दिशा में कुछ कदम बढ़े हैं,लेकिन इतना पर्याप्त नहीं होगा...इससे हम अधिकतम 100 तक ही जा सकते,आने वाले 1-2 वर्षों में...वो भी बहुत ही कम रैंकों के साथ... कोचिंग संस्थान और हिंदी समर्थक सरकार की इतनी जद्दोजहद के बाद भी 54 ही... क्योंकि समस्या न तो कोचिंग संस्थान में है और न ही upsc की चयन प्रक्रिया में ... समस्या है आ...